Wednesday, March 25, 2020
Monday, February 17, 2020
ज़िंदगी और मौत
ज़िंदगी और मौत
रिश्ते से विश्वास कुछ ऐसे टूट रहा है,
जैसे साख से सूखे पत्ते।
चंद लम्हो में विखर जाते है सब अपने,
जब आप अपने पास न हो।
ना जाने सब क्यों जीते है अपने बेरंग सी ज़िंदगी ,
जब ज़िंदगी से कुछ आस न हो।
हर किसी कई मुक्क़दर में लिखा है एक दिन मरना ,
ना जाने क्यों जीने की तम्मना करते है लोग।
हर सुबह हर दिन जीने की चाहत जगती है ,
ना जाने हर शाम को क्यो करती है मरने की चाहत।
जब से ज़िंदगी ढूंढने निकला हूँ ,
ना जाने क्यों खुद को ही भूल गया हूँ।
एक दिन मिली थी ज़िन्दगी किसी मोर पर ,
उसने कहा ढूँढ लो तुम मौत को,
मुझे दर्द देना है किसी और को ,
जब में गया मौत के पास उसने कहा ,
जी ले अपनी ज़िंदगी क्यो आये हो मौत को।
!कुछ छंद आनंद के नाम !
Wednesday, February 12, 2020
राहत इन्दोरी
राहत इन्दोरी
अगर खिलाफ हैं होने दो जान थोड़ी है ,
ये सब धुआं है आसमान थोड़ी है।
लगेगी आग तो आएंगे घर कई ज़द मैं ,
यहां पर सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है।
हमारे मुंह से जो निकले वही सदाक़त है ,
हमारे मुंह मैं तुम्हारी ज़बान थोड़ी है।
मैं जानता हूँ के दुश्मन भी कम नहीं ,
लेकिन हमारी तरह हथेली पर जान थोड़ी है।
जो आज साहिब - इ - मसनद हैं कल नहीं होंगे ,
किरायेदार हैं जाती मकान थोड़ी हैं।
सभी का खून है शामिल यहां की मिटटी में ,
किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़ी है।
Tuesday, February 11, 2020
गुलज़ार के लब्ज़
गुलज़ार के लब्ज़
हादसा बस इतना सा था ,
अपनी बर्बादी को हम इश्क़ समझ बैठे।
ना कोई हमदर्द था ना कोई दर्द था ,
फिर एक हम दर्द मिला और उसी से सारा दर्द मिला।
कुछ रिश्ते किराये के मकान जैसे होते है ,
उन्हें आप कितना भी सजा लो कभी आपके नहीं होते।
तब भी थे, अब भी है और हमेशा रहेगी ,
तुमसे मोहब्बत है, पढाई नहीं जो पूरी हो जाएगी।
मेरा जरा तीखा बोलने पर आ जाती है तुम में कड़वाहट ,
यह इश्क़ है या इश्क़ के नाम पर मिलाबट।
बदले है मिजाज उनके कुछ दिनों से ,
वो बात तो करते है पर बातें नहीं करते।
पसंद न आये मेरा साथ, तो बता देना ,
महसूस भी नहीं कर पाओगे इतना दूर चले जायेंगे।
धन्यवाद आप सब का !
गुलज़ार जी के कुछ छंद।
Wednesday, January 29, 2020
26 January
Republic Day
ना जियो धर्म के नाम पर,
ना मरो धर्म के नाम पर।
इंसानीयत ही है धर्म वतन का,
बस जियो तो वतन कई नाम पर।
⚐ भारत माता की जय ⚐
Wednesday, January 22, 2020
हिन्दुस्तान - 71वां गणतंत्र दिवस
हिन्दुस्तान
मैं भारत का एक आम नागरिक हूँ!
और अपने देश के लिए कुछ विचार प्रकट करना चाहता हूँ ।
आइए आप सब को महत्पूर्ण बात बताता हूँ ।
! भारत देश!
मेरा देश सब को सामान अधिकार देता है। और हम सब को अपने ज़िंदगी जीने के लिए पूरी आजादी देता है।
हमारा देश विश्व का पुराण गुरु रहा है। विश्व का प्रथम विश्व विधालय भारत के बिहार राज्य
मै स्थित मगध ज़िले में है, जिसे हम नालंदा महा विश्व विधालय कै नाम से जानते है, जहा से हमने पुरे विश्व को शिक्षा प्रदान की।
ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर वैशाली को दुनिया का पहला गणतंत्र राज्य माना जाता है। वर्तमान
बिहार राज्य के वैशाली जिले में आज पुरातन गणतंत्र वैशाली एक जिला के रूप में स्थित है। खास बात
यह है कि यहां उस काल के स्तूप और शिलाएं आज भी आपको देखने के लिए मिलेंगे। हर साल बड़ी
संख्या में सैलानी और शोधार्थी वैशाली आते हैं। यहां की स्थानी भाषा वज्जिका है।
कुछ शब्द अपने देश के लिए समर्पित करता हूँ। और सभी देश
वासियो से अनुरोध करता हूँ की
आप सभी आपसी भाईचारा बानये रखे आपसी सहयोग करे।
जय हिन्द जय भारत
वन्दे मातरम्
आपका अपना
भारत का एक आम नागरिक!
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